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राष्ट्रीय शिक्षा नीति में NTA को मिले ये अधिकार, एंट्रेंस टेस्ट में हुए ये बदलाव

राष्ट्रीय शिक्षा नीति में NTA को मिले ये अधिकार, एंट्रेंस टेस्ट में हुए ये बदलाव

नई दिल्ली: मोदी सरकारी की ओर से नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) जारी किए जाने के बाद इस नीति में नेशनल टेंस्टिंग एंजेंसी यानी NTA के लिए नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (National Education Policy, NEP) को अब देश भर के विश्वविद्यालयों में प्रवेश के लिए प्रवेश परीक्षा आयोजित करने के लिए एडिशनल चार्ज दिया जाएगा. जिसमें वह हायर एजुकेशन के लिए आम यानी कॉमन एंट्रेंस परीक्षा का आयोजन कर सकता है. इसके तहत और क्या-क्या बदलाव हुए हैं, आइए जानते हैं—

अभी क्या करता है NTA :--
NTA अभी ऑल इंडिया इंजीनियरिंग एंट्रेंल एग्जाम JEE Main, मेडिकल प्रवेश परीक्षा - NEET, UGC NET, दिल्ली विश्वविद्यालय (DUET), जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNUEE) जैसे केंद्रीय विश्वविद्यालयों में प्रवेश के लिए प्रवेश परीक्षा आयोजित करता है.

अब क्या करेगा NTA 
नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) विश्वविद्यालय प्रवेश परीक्षा के लिए हर साल कम से कम दो बार विज्ञान, ह्यूमैनिटीज, भाषा, कला, और व्यावसायिक विषयों में उच्च गुणवत्ता वाली सामान्य योग्यता परीक्षा, साथ ही विशिष्ट सामान्य विषय परीक्षा की पेशकश करेगी.नई नीति के अनुसार, विश्वविद्यालयों और कॉलेजों में प्रवेश के लिए NTA की ओर से आयोजित की जाने वाली प्रवेश परीक्षा वैकल्पिक होगी. नई प्रणाली में संयुक्त राज्य अमेरिका में प्रवेश के लिए आयोजित standardised aptitude test यानी सैट में कुछ समानताएं हैं.

CBSE की जगह NTA  
दरअसल कुछ साल जिन कोर्सेज की प्रवेश परीक्षा का आयोजन CBSE किया था,उन सभी परीक्षाओं की जिम्मेदारी नेशनल टेंस्टिंग एजेंसी (NTA) को दे गई थी. जिसमें प्रवेश परीक्षाएं जैसे - JEE मेन, NEET, UGC NET, CTET, GATE, AICTE, IIT और IIM इत्यादि शामिल है.

ये शामिल होंगे उच्च शिक्षा में
नई शिक्षा नीति के अनुसार संगीत, दर्शन, कला, नृत्य, रंगमंच, उच्च संस्थानों की शिक्षा के पाठ्यक्रम में शामिल होंगे. स्नातक की डिग्री 3 या 4 साल की अवधि की होगी. एकेडमी बैंक ऑफ क्रेडिट बनेगी, छात्रों के परफॉर्मेंस का डिजिटल रिकॉर्ड इकट्ठा किया जाएगा.

क्या होगा 2050 तक 
साल 2050 तक स्कूल और उच्च शिक्षा प्रणाली के माध्यम से कम से कम 50 फीसदी शिक्षार्थियों को व्यावसायिक शिक्षा में शामिल होना होगा. गुणवत्ता योग्यता अनुसंधान के लिए एक नया राष्ट्रीय शोध संस्थान बनेगा, इसका संबंध देश के सारे विश्वविद्यालय से होगा.


 

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