Crime

शुटआउट @ कानपुर: जानें कैसे हुआ गैंगस्टर विकास दुबे का खेल खत्म

शुटआउट @ कानपुर: जानें कैसे हुआ गैंगस्टर विकास दुबे का खेल खत्म

नई दिल्ली: कानपुर गोलीकांड के मास्टरमाइंड विकास दुबे का खेल आखिरकार खत्म हो गया है. उज्जैन से जब यूपी एसटीएफ की टीम विकास दुबे को कानपुर ला रही थी, तब रास्ते में गाड़ी का एक्सीडेंट हो गया. इसी दौरान विकास ने भागने की कोशिश की, तो पुलिस और गैंगस्टर के बीच मुठभेड़ हुई.  इसी मुठभेड़ के दौरान विकास दुबे को मारा गया है. विकास दुबे को स्ट्रेचर पर लाला लाजपत राय हॉस्पिटल में लाया गया है. हादसा कानपुर टोल प्लाजा से 25 किलोमीटर दूर हुआ.

बताया जा रहा है कि जब गाड़ी दुर्घटनाग्रस्त हुई, उस समय विकास दुबे हथियार छीनकर भाग निकला. घटनास्थल से सात से आठ किलोमीटर की दूरी पर विकास दुबे और पुलिस के बीच मुठभेड़ हुई. घायल अवस्था में विकास दुबे को अस्पताल में भर्ती कराया गया जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया.मौके पर मौजूद प्रत्यक्षदर्शी का कहना है कि हमने फायरिंग की आवाज सुनी थी. इसके बाद पुलिस ने हमें भगाने की कोशिश की. हम वहां से हट गए. हम लोगों ने गोलियों की आवाज सुनी थी.

बता दें कि विकास दुबे की तलाश एक हफ्ते से की जा रही थी, लेकिन पुलिस की पकड़ से वो दूर ही रहा था. गुरुवार को अचानक वो उज्जैन के महाकाल मंदिर के बाहर मिला, जहां उज्जैन पुलिस ने उसे गिरफ्तार किया. लेकिन गिरफ्त में आने के 24 घंटे के अंदर ही विकास दुबे को मारा गया.विकास दुबे को यूपी पुलिस हरियाणा और राजस्थान में तलाश रही थी, लेकिन वो मिला मध्य प्रदेश के उज्जैन में. गुरुवार सुबह करीब साढ़े सात बजे विकास दुबे महाकाल मंदिर पहुंचा, जहां उसने अंदर मंदिर के दर्शन किए.

इसी दौरान किसी दुकानदार ने विकास दुबे को पहचाना, जिसके बाद सुरक्षाकर्मी को सूचना दी गई. इसके बाद स्थानीय पुलिस को बुलाया गया और पकड़ा गया था. गुरुवार शाम को विकास दुबे को MP से UP लाने की प्रक्रिया शुरू हुई. यूपी एसटीएफ की टीम उसे कानपुर लेकर रवाना हुई. शुक्रवार सुबह STF के काफिले के एक्सीडेंट की खबर आई. इसी दौरान विकास दुबे भागने लगा और एनकाउंटर में मारा गया

7 दिन में 6 बदमाशो को किया ढेर

पुर में आठ पुलिसकर्मियों की हत्या के आरोपी मास्टरमाइंड विकास दुबे को मार गिराया गया है. विकास दुबे से पहले उसके 5 गुर्गे ढेर किया जा चुके हैं. कानपुर में विकास दुबे को मार गिराया गया है. 2 जुलाई की रात विकास दुबे ने अपने गुर्गों के साथ मिलकर दबिश देने पहुंची पुलिस टीम पर हमला किया था. इस हमले में सीओ समेत आठ पुलिसकर्मी शहीद हो गए थे. इस घटना के बाद विकास दुबे अपने गुर्गों के साथ फरार हो गया था. इसके बाद से ही पुलिस को विकास दुबे और उसके गुर्गों की तलाश थी.
 

Comments

Leave a comment