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सुशांत को जहर देने का शक़ ! बिसरा की अब AIIMS में दोबारा जांच

सुशांत को जहर देने का शक़ ! बिसरा की अब AIIMS में दोबारा जांच

नई दिल्ली: सुशांत सिंह राजपूत की मौत की गुत्थी को सुलझाने में कई एजेंसियों के साथ फॉरंसिंग व मेडिकल टीमें भी जुटी हुई हैं. ऐसे में मेडिकल टीम यह पता लगाने में जुटी है कि कहीं सुशांत को जहर तो नहीं दिया गया था? इस बात के मद्देनजर AIIMS के फोरेंसिक डिपार्टमेंट की टीम सुशांत के बिसरा की दोबारा से जांच कर रही है. सुशांत केस के लिए गठित मेडिकल बोर्ड के चेयरमैन डॉ. सुधीर गुप्ता ने बताया कि जांच रिपोर्ट दस दिन के अंदर आ जाएगी.

मेडिकल टीम को जहर देने का शक
पांच सदस्यीय डॉक्टरों का मेडिकल बोर्ड इस विसरा की जांच करेगा. इस रिपोर्ट से ये पता चलेगा कि किसी तरह का केमिकल उनके बिसरा में मौजूद है या नहीं? इससे मौत की वजह और साफ होकर सामने आएगी. विसरा जांच के लिए मृतक के पेट के भीतर से सैंपल लिया जाता है. इसमें जांच की जाती है कि मामला जहरीले पदार्थ से जुड़ा हुआ तो नहीं है. दरअसल रिपोर्ट से पता चलेगा कि सुशांत के खून में कोई ड्रग्स है या नहीं? इसके लिए सुशांत का विसरा दिल्ली एम्स पहुंच चुका है. इसे बाई एयर लाया गया है. चूंकि AIIMS के पास विसरा टेस्ट के लिए सभी अत्याधुनिक इक्व‍िपमेंट्स मौजूद हैं, जिसका इस्तेमाल FBI द्वारा किया जाता है तो ऐसे में चूक की कोई गुंजाइश नहीं होगी. 

पोस्टमार्टम रिपोर्ट से उठे सवाल
दरसल सुशांत सिंह राजपूत की मौत के बाद 14 जून को उनकी बॉडी कूपर अस्पताल में पोस्टमार्टम के लिए लाई गई थी. दोपहर लाई गई सुशांत की बॉडी का रात तक पोस्टमार्टम कर दिया गया था. ऐसे में सवाल उठाए गए थे कि सुशांत की बॉडी का  का पोस्टमार्टम करने में इतनी जल्दबाजी क्यों दिखाई गई. पोस्टमार्टम के बाद सुशांत का विसेरा जांच के लिए सुरक्ष‍ित रख लिया गया था. विसेरा की जांच कर रही AIIMS की मेडिकल टीम केस को सुलझाने में मदद कर सकती है. 

गले पर निशान से उठे सवाल
रिपोर्ट के मुताबिक, सुशांत के गले पर मौजूद जख्म का निशान सवालों के घेरे में है. इसे लेकर सुशांत मामले में एम्स के तीन डॉक्टरों की टीम ने सुशांत की बॉडी का पोस्टमॉर्टम करने वाले डॉक्टरों से पूछताछ की है. इस पूछताछ में एम्स के डॉक्टरों ने सुशांत के गले में मौजूद जख्म के निशान को लेकर भी सवाल उठाया है. सुशांत के गले में मौजूद जख्म के निशान (LIGATURE MARK) उसके गले के बीच में है और सीधी रेखा की तरह दिखाई देता है. जबकि सुसाइड के मामले में ये जख्म गर्दन के एकदम ऊपर होते हैं, और ये निशान तिरछे होते हैं और खरोंच की तरह दिखते हैं. माना जा रहा है कि एम्स के तीन डॉक्टरों ने बॉडी का पोस्टमॉर्टम करने वाले 5 डॉक्टरों से सुशांत की गर्दन पर मौजूद निशान को लेकर लंबा सवाल किया है. इस मामले को लेकर मेडिकल बोर्ड की अगली मीटिंग 17 सितंबर को होगी. 

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